- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 25-07-2026
- मानसून सत्र का समापन: मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, विकास और जनकल्याण पर दिया विशेष जोर
- VIDEO: इंस्टाग्राम दोस्ती से शुरू हुआ हनीट्रैप का खेल, बेटे को छुड़ाने पिता पहुंचे; अश्लील वीडियो बनाकर 26 लाख की फिरौती मांगने वाले गिरोह का खुलासा
- महाकाल की पहली सवारी को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज, 30 जुलाई तक पूरे होंगे मार्ग विकास कार्य
- महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं टीवी एक्ट्रेस रूपाली गांगुली, नंदी हॉल में बैठकर किए बाबा के दर्शन, बोलीं- महाकाल की कृपा से हूं यहां तक
बारिश के बीच उच्च शिक्षा मंत्री ने किया ध्वजारोहण
उज्जैन। दो दिनों से जारी बारिश का क्रम सुबह भी जारी रहा, लेकिन इसका कोई खास असर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों पर नहीं पड़ा। मुख्य परेड स्थल दशहरा मैदान पर सशस्त्र व पुलिस बल के साथ स्कूल-कॉलेज के बच्चों ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग के साथ भाग लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुती भी दी। यहां प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी ने ध्वजा रोहण किया और मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रदेशवासियों को संबोधित भाषण का वाचन भी किया।दशहरा मैदान पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के लिये नगर निगम द्वारा अतिथियों के लिये वाटरप्रूफ शेड बनाया गया था, जबकि मंच के सामने की ओर स्कूल कॉलेज के लिये बनाया गया वाटरप्रूफ शेड छोटा पड़ गया और एनसीसी, स्काउट के बच्चे बारिश के बीच भीगते रहे।
झंडावंदन के ठीक 2 मिनिट पहले मंत्री जीतू पटवारी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनकी अगवानी कलेक्टर शशांक मिश्र ने की। इसके बाद मंत्री पटवारी ने ध्वजा रोहण किया और परेड दलों का निरीक्षण कर सलामी ली। मुख्यमंत्री के भाषण के वाचन के बाद स्कूली विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
पिछली सरकार से खजाना खाली मिला बावजूद वादों को पूरा करेंगे
मंत्री पटवारी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के भाषण का वाचन किया जिसमें उल्लेख किया कि म.प्र. अभी भी देश में पिछड़े राज्यों में ही होती है।
लोकसभा चुनाव और आचार संहिता के कारण एक लंबा समय हमें नहीं मिल पाया। हमें पिछले सरकार से खाली खजाना मिला था उसके बावजूद जनता को दिए गए इस वचन पत्र में सभी वादों को पांच सालों में पूरा करने के लिए हम संकल्पित हैं। कृषि हमारी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। निराश्रित गौवंश की देखरेख एक बड़ी समस्या है इसके लिये सरकार प्रदेश में एक हजार गौशालाओं के निर्माण का कार्य करने जा रही है।